Indian Gay Sex Story: A tale of two brothers: 6

Indian Gay Sex Story: A tale of two brothers: 6

Indian Gay Sex Story: A tale of two brothers: 6

Indian Gay Sex Story: ‘अरे अब कहाँ नींद आएगी यार… यहीं बैठते हैं… थोड़ी देर टीवी देख लेते हैं’ मैं अपने हाथ से उसके जिस्म को महसूस कर रहा था और उसकी गर्मी को अपने अंदर प्रवेश करता हुआ महसूस कर रहा था. ‘बैठ जाइए…’ कहते हुए मैंने सिगरेट जलाई और उसको देखते हुए एक गहरा कश भरा.

‘आज आपको नींद क्यूँ नहीं आ रही है RO?’ उसने पूछा ‘बस यार ऐसे ही… वैसे भी मैं देर में सोता हूँ’ ‘वैसे RO अभी उतनी देर हुयी नहीं है… ‘हाँ यार बात तो सही है… और बताओ कुछ?’ मैंने कहा ‘क्या बताएं?’ ‘नशा चढ़ गया है तुमको?’ ‘हाँ वैसे हल्का फुल्का सा ज़्यादा नहीं’ ‘और पियोगे?’ ‘हाहाहा पीला दीजिए… मगर कुछ ऐसा वैसा मत ट्राई मारिएगा’ ‘कैसा कैसा यार?’ मैंने पूछा…

‘वैसा वैसा’ उसने आँखें मटकाते हुए मुस्कुराते हुए कहा ‘उससे क्या होगा?’ मैंने पूछा ‘हमको वो सब शौक नहीं है’ उसने जवाब दिया. मैंने अब वापस उसकी बाज़ू पर हाथ रख दिया था ‘फिर कैसा शौक़ है?’ मैंने फिर पूछा और साथ में उसके बाज़ू के गदराए कटाव और उभारों को सहलाया ‘हमको अगर है थोड़ा बहुत तो बस वोही वाला है जो बताया… हाहाहा…’ ‘हाहाहा…. RO… आप भी ना…..’ ‘अच्छा’ मुझे भी अब मज़ा आने लगा था ’ .. रहने दीजिए न RO… जाइए न सो जाइए’

फिर अचानक पता नहीं क्या हुआ… शायद जैसे मेरा सब्र खत्म हो रहा था उसका भी होने लगा… उसका तो लगभग खत्म हो ही गया…. वो एकदम से बोला ‘आपको चाहिए क्या?’ उसकी बात सुनते ही मेरे अंदर मेरे तन बदन में बिजली सी कौंध गयी… मेरा हलक मस्ती से सूख गया और नशा चढ़ गया… ‘दोगे?’ मैंने कांपते हुए उससे पूछा…

‘लेंगे तो देंगे’ ‘उह्ह…. RU… सिआह्ह्ह्ह्ह’ मेरे होठों से सिसकारी निकल गयी…. और मैंने अब सीधा उसकी जांघ पर हाथ कर उसकी तरफ़ करवट लेकर उसकी बाज़ू पर मुंह रख दिया… उसकी खुशबू में मरदाना नमक और कसाव था… मैं फ़ौरन उससे लिपट लगा… और ज़्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पाया और सीधा उसकी ज़िप पर हाथ कर सहलाने लगा….

उसका लण्ड अंडर भूचाल मार रहा था और बेहद सकत और मस्त लग रहा था… उसकी टाईट पैंट से उसके लण्ड के साइज़ का तो अहसास हो पा रहा था मगर मुझे उसको ऊपर से सहलाने में बेहद मज़ा आ रहा था और मैं तड़प कर उसको अपनी हथेली से दबा रहा था. कुछ देर हम कुछ नहीं बोले…

मैं अपने आप पर और वो अपने आप पर काबू पा रहा था… हम काफी देर से बेताब थे… इसलिए उस बेताबी को थोड़ा शांत कर रहे थे…. वो अब भी सीधा लेता था और मैंने उसकी तरफ़ करवट ले ली थी… मैंने अपनी एक जांघ उसकी जांघ पर चढ़ा दी थी और उसके बाज़ू का पसीना सूंघते हुए उसकी जांघ को जांघ से और लण्ड को हाथ से सहला रहा था….

मैं बस भयंकर सिस्कारियां भर कर उसका नाम ले कर मज़ा ले रहा था ‘उह्ह्ह्ह्ह RU… आःह्ह… बहुत मस्त हो तुम… RU आह्ह्ह सिआह्ह्ह्ह्ह्ह’ और उसको भी मेरी सिस्कारियों से जोश मिल रहा था.

कुछ देर बाद उसने मेरी तरफ़ करवट ले ली तो उसकी साँसें मेरे चेहरे से टकराने लगीं… उसने अपने मुस्कुराते हुए होठों को अब सिकोड़ लिया था और उसकी आँखों पर नशे का पर्दा था… वो अब बेहद कामुक लग रहा था.

‘खोलो’ मैंने उससे कहा तो उसने खुद ही अपनी पैंट का बटन खोला… फिर ज़िप और फिर गांढ़ हलकी सी उठाकर अपनी पैंट जांघ तक सरकाते हुए चड्ढी नीचे करी तो मैंने उसका कला नाग जैसा लहराता हुआ तगड़ा प्रचंड लण्ड देखा… उसका लण्ड काफी बड़ा था और लोहे की तरह सकत…

मैंने एक ज़ोरदार सांस लेकर सिसकारी भरते हुए ‘उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह RU… ज़बरदस्त यार… उह बहुत ज़बरदस्त’ कहते हुए उसके गर्म हिचकोले खाते हुए लण्ड को अपने हाथ से पकड़ लिया और फिर अपना मुह उसकी अबजु में घुसा दिया और उसके लण्ड को मसल कर दबाकर हिलाते हुए सहलाने लगा. अब RU भी फुल मूड में था…

मैंने अब दूसरे हाथ को उसकी ती शर्ट में घुसाया और उसकी छाती सहलाना शुरू कर दी… मैं जैसे जैसे उसको सहलाता RU वैसे वैसे मस्ती से भरने लगता….वो अब पूर पैशन में था….

RU अब अपने पूरे मर्दाने रूप में था… उसके अंदर अब कोई शर्म या झिझक नहीं थी उसकी आँखों से अब बस नंगी कामुक लालसा टपक रही थी… उसकी जवानी अब उसपे हावी थी और वो मुझपे अपना जादू चला रही थी. मैंने भी जोश में कर उसकी ती शर्ट ऊपर उठा कर उसका चिकना जिस्म खोल दिया था…

उसका पेट फ़्लैट था… छाती पर हलके से कटाव थे… झांटें ताज़ी थीं और जिस्म चिकना था… मैंने जब हाथ अंदर घुसाया तो पाया कि उसकी बाज़ू के नीचे भी बाल थे… मैंने कुछ देर उसका नंगा जिस्म सहलाया मगर अब मुझसे नहीं रहा जा रहा था.

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उसका लण्ड मेरे हाथ में उछल रहा था… मैंने RU की आँखों में आँखें डालकर देखा… वो बस प्यारे से अंदाज़ में मुस्कुराया… ’क्या हुआ?’ उसने होंठ सिक्दोते हुए मेरे चेहरे पर सांस लेते हुए मुझसे पूछा ‘बहुत बढ़िया लौड़ा है तुम्हारा’ मैंने कहा ‘है ना?’ उसने पूछते हुए कहा ‘हाँ भाई सौलिड है’ कुछ देर वो लेते लेते मेरा सर सहलाता रहा और फिर मेरे अंदर उमंग अंगड़ाई लेने लगी…

‘चूस लो…चूसो ना’ उसने कहा तो मैंने सीधे उसके लण्ड पर अपनी नाक रखी और उसकी ऐसी ज़बरदस्त दिल मोह लेने वाले खुशबू थी की मेरे होश उड़ गए…

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