Hindi Gay sex story – राँग नंबर पर मिला मस्त लंड

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम सुमित है और मुझे बड़ा मज़ा आता है, जब लोग मुझे सुमित चोदु बुलाते है | मुझे गांड मरवाने का बड़ा शौक है | मेरी उम्र १९ साल है और मै एक कॉलेज मे पढता हु | मेरा शरीर बहुत ही चिकना है और मेरे शरीर का गठन लड़कियों की तरह है | मुझे भी स्कूल के समय पर दोस्तों के साथ जिम जाने का शौक लग गया था | मेरे शरीर को पहली बार ही देखकर मेरे ट्रेनर की नीयत मेरे ऊपर ख़राब हो गयी थी और वो मुझपर ज्यादा ध्यान देता था | इस बहाने से वो मेरे शरीर पर हाथ फेरता था और मेरे गांड को दबा देता था और मेरे गांड की लकीर के अन्दर अपनी ऊँगली घुसा देता था | एक दिन उसको मौका मिल गया और उसने मेरी गांड मस्त तरीके से मारी, मुझे मेरी गांड की चुदाई मे मज़ा आ गया था | फिर तो मेरा ट्रेनर मुझे रोजाना चोदने लगा | मेरे ट्रेनर का लंड मोटा तो नहीं था, लेकिन लम्बा सुई की तरह था | उसने मुझे लंडो की आदत लगा दी; फिर मुझे अपने ट्रेनर के लंड से मज़ा आना बंद हो गया और मैने जिम मे एक लड़के को पटाना शुरू कर दिया | मैने उसका लंड एक दिन बाथरूम मे नहाते हुए देखता था और उसी दिन से मुझे उससे प्यार हो गया था | जिस दिन उसने मेरी गांड मारी थी, मुझे मज़ा आ गया था और मैने उससे अपनी गांड काफी बार मरवाई |लेकिन, किस्मत को मेरी ख़ुशी मंजूर नहीं थी | मेरे पापा की बदली एक छोटे से शहर मे हो गयी और वहा बड़े शहर वाला माहौल नहीं था | मेरी गांड को काफी दिनों से लंड नहीं मिला था, तो वो तड़पने लगी थी | मै रात मे गांड को चिकनी करके उसमे पेन्सिल, मोमबत्ती, गाज़र डालकर अपनी गांड की खुजली मिटाने लगा |

लेकिन, जो मज़ा असली लंड मे होता है; वो मज़ा थोड़ी है बाकी चीजों मे | कुछ दिन ऐसे ही कट गये, मैने वहा पर जिम भी ढूंढने की कोशिश की; लेकिन, कुछ मजेदार नहीं मिल पाया | फिर, एक दिन मुझे एक फ़ोन आया; जिसकी वजह से मेरे सारे दुःख दूर हो गये | मेरे फ़ोन पर एक समस आया, कि अपनी गांड तैयार रखना, रात मे आकर मे तेरी गांड लूँगा | मैने भी उसको लिख दिया, मेरी गांड तो लंड लेने के लिए कब से मचल रही है, तू आ जा, मै तेरा इंतज़ार कर रहा हु | फिर, उसका समस आया; क्या बात कर रहा है? सुबह तो तेरी गांड मारी थी | मैने फिर लिखा, कहाँ यार? मै कब से एक लंड ढूंढ़ रहा हु; लेकिन साला यहाँ कोई है ही नहीं | फिर, बन्दे को थोडा सा शक हुआ और उसने मुझे फ़ोन किया और बोला, कोंन बोल रहा है? जब मैने उसे अपना नाम बताया, तो उसने मेरे से माफ़ी मांगी और बोला, ये समस किसी और के लिए था | मैने उसको बोला, मै किसी से नहीं बोलूँगा, अगर तुम मेरी गांड मारोंगे |वो थोडा सा डरा हुआ था और बोला, मुझे से गलती ही गये, आप किसी से कुछ नहीं बोलना | मै आगे से आपका नंबर नींद मे भी डायल नहीं करूँगा | मै उसको बोला, कोई दिक्कत नहीं है और मैने उसकी उम्र पूछी? उसकी उम्र ३० साल थी और मुझे उस उम्र के लंड बहुत पसंद थे | मैने उसको बोला, दोस्त, मै १९ साल का हु और गांड मरवाता हु | मै इस शहर मे नया हु और जब से आया हु तब से मेरी गांड मे खुजली है | तुम मेरी गांड को मस्त मारके मेरी खुजली बुझा दो | फिर, मैने उसको बोला, जहाँ तुम बोलोगे, मै आ जाऊंगा | उसने जो मुझे पता बताया, वो मेरे घर से तीसरा घर था और उसके ऊपर बने कमरे मे एक लड़का रहता था | मैने उसको बोला, यार हमतुम तो पडोसी है, आज ही रात तुम मेरी खुजली मिटा दो | रात के वक़्त तय  करके मैने फ़ोन कट दिया और बाथरूम घुस गया | मैने अपनी गांड को ढंग से साफ़ किया और लंड को भी चिकना कर लिया | खाना खाने के बाद, मैने घर पर बोला, कि मै छत पर जा रहा हु, थोड़ी देर मे आ जाऊंगा | जब मैने उसकी कमरे का दरवाजा बजाया, तो एक जिम करने वाले मस्त लड़के ने दरवाजा खोला |

मैने उसे अपना नाम बताया, तो उसने मुझे अन्दर बुला लिया | हम दोनों अलग-अलग बैठ गये और इधर-उधर देखने लगे |कुछ हो ही नहीं रहा था, मै उठा और उसके कंप्यूटर मे ब्लूफिल्म ढूंढने लगा | मै अपनी गांड को इस तरह से करके खड़ा था, कि वो मेरी मस्त गांड को देखे | फिर, मैने ही आगे बढ़कर उसके लंड को पेंट के ऊपर से पकड़ लिया और उसके सोये हुए लंड को जगाने की कोशिश करने लगा | मुझे देखकर उसको भी जोश आने लगा और उसने मेरा मुह अपने हाथो मे ले लिया और मेरे होठो पर पर अपने होठ रख दिये और उसको चूसने लगा | वो बड़े मस्त अंदाज़ मे मेरा मुह चूस रहा था और मेरा हाथ अभी तक उसके लंड को पकडे हुए था | मैने उसकी पेंट खोलनी शुरू कर दी और उसको नंगा कर दिया और उसने मुझे भी नंगा कर दिया | अब बंद कमरे मे दो लंड लहरहा रहे थे | उसका लंड बड़ा ही मोटा और लम्बा था | उस लड़के का रंग, एकदम कोयले की तरह काला था, तो मुझे उसका लंड डरावना लगने लगा | मैने अपना डर मिटाने के लिए, उसका लंड अपने हाथ मे ले लिया और अपने मुह मे घुसेड लिया और चूसने लगा | उसने मेरे बाल को खीच लिया और अपनी गांड हिलाकर मेरे मुह को चोदने लगा | मुझे भी मज़ा आ रहा था, उसका लंड मेरे गले मे पूरा घुस चुका था, और मुझे से सांस भी नहीं ली जा रही थी |मैने उसका लंड चूस-चूसकर पूरा गीला कर दिया था और मेरी गांड के खुजली तेज होने लगी थी | मैने जोर लगा कर उसका लंड अपने मुह से निकाल लिया और उसको मेरी गांड मारने के लिए बोला | वो एक कुर्सी पर जाकर बैठ गया और मेरी गांड का छेद उसने अपने लंड पर रख दिया | उसने अपने थूक से मेरे गांड के छेद को मस्त चिकना कर दिया और मेरी गांड पर अपना लंड रखकर कर मेरी गांड को नीचे खीच दिया | उसका लंड सिर्फ कुछ इंच ही अन्दर जा पाया था और मेरी चीख निकले जा रही थी |

उसने मेरे मुह मे एक कपड़ा ठोस दिया, ताकि मै ज्यादा हल्ला ना मचा सकू | फिर, उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड से निकल लिया और मुझे पलंग पर लिटा दिया और तेल ले आया | उसने अपने लंड और मेरी गांड को पूरा तेल मे डुबो दिया और फिर से एकबार कोशिश की | इस बार ज्यादा चिकनाहट की वजह से उसका लंड मेरी गांड को फाड़ता हुआ मेरी गांड मे भर गया | मेरी गांड एक दम खुल गयी थी | मै दर्द के मारे चिल्लाने के लिए बैचेन था, लेकिन चिल्ला नहीं पा रहा था | वो मेरी गांड को मसले जा रहा था | एक-एक बाद एक जबरदस्त धक्का; अभी तक मै इस तरीके से नहीं चुदा था | उसने मेरी गांड की पूरी पिलाई कर दी थी | फिर, उसने मेरे लंड की जड़ को पकड़ा और हर धक्के के साथ मेरा हस्त्मथुन करने लगा | मुझे चुदने के साथ-साथ मुठ मरवाने मे मज़ा आ रहा था और मैने भी अपनी गांड हिलाकर उसके लंड को और अन्दर लेने की कोशिश कर रहा था |वो जोर-जोर से और तेजी मे मेरे लंड की खाल को ऊपर नीचे कर रहा था, जिसने मुझे कुछ ही देर मे अपना रस चोदने के मजबूर कर दिया | इतनी अच्छे तरह से तो, मै भी अपना मुठ नहीं मार पाता था | कुछ ही देर मे, मेरा सारा रस निकल कर फर्श पर गिर गया और उसके भी धक्के तेज हो गये थे और उसका सारा वीर्य मेरी गांड मे भर गया | मेरी गांड मे गरम-गरम भरा हुआ, मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था | उसने अभी तक अपना लंड मेरी गांड से नहीं निकाला था | मुझे उसके लंड का सुकड़ना महसूस हो रहा था | मुझे अच्छा लगा रहा था, लेकिन मेरे अन्दर की सारी ताकत खत्म हो चुकी थी और मै और उसका लंड अपनी गांड मे नहीं सह सकता था | मैने धक्का मारकर अपनी गांड से उसका लंड निकाल लिया और बिस्तर पर गिर पड़ा | मैने उसको अपनी गांड की खुजली मिटाने के लिए धन्यवाद दिया और घर चला आया | फिर, मै उसके पास रोज़ अपनी गांड मरवाने के लिए जाने लगा |

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